Annual Function Primary-2022
शिक्षा क्षेत्र

प्राइमरी वर्ग वार्षिकोत्सव-2022 वार्षिक पुरस्कार वितरण व सांस्कृतिक कार्यक्रम

दिनांक 30.12.22

प्रेस विज्ञप्ति (प्राइमरी वर्ग) वार्षिकोत्सव-2022 (वार्षिक पुरस्कार वितरण व सांस्कृतिक कार्यक्रम) जवाहर नगर स्थित माहेश्वरी पब्लिक स्कूल के तक्षशिला सभागार में आज दिनांक 30.12.22 को प्राइमरी वर्ग (कक्षा-1 से 5) का वार्षिकोत्सव समारोह पुरस्कार वितरण व सांस्कृतिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि श्री अंशुमन भौमिया ,आईपीएस( डीआईजी ऑफ पुलिस,एटीएस राजस्थान पुलिस) तथा विशिष्ट अतिथि श्री विनोद गट्टानी ,सुप्रसिद्ध व्यवसायी व समाजसेवी थे। इस अवसर पर माहेश्वरी शिक्षा समिति व विद्यालय के चैयरमैन श्री केदारमल भाला,वाइस चैयरमैन श्री बजरंग लाल बाहेती,महासचिव शिक्षा श्री मधुसूदन बिहानी, मानद सचिव श्री (सी.ए) अमित गट्टानी,कोषाध्यक्ष श्री(सी ए)अनिल कुमार शारडा,भवनमंत्री श्री सुमित काबरा,विद्यालय के प्राचार्य श्री अशोक वैद तथा शिक्षा समिति के अन्य गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ चेयरमैन श्री केदारमल भाला ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि व आगंतुकों का स्वागत व अभिनंदन करते हुए भाषण दिया। महासचिव शिक्षा श्री मधुसूदन बिहानी ने दी एज्यूकेशन कमेटी ऑव द माहेश्वरी समाज(ईसीएमएस) का विजन तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास व शिक्षा के प्रसार के बारे में भावी भावी योजनाओं की परिकल्पना प्रस्तुत की । मानद सचिव श्री (सी.ए) अमित गट्टानी द्वारा विद्यालय के मूल उद्देश्यों और लक्ष्य पर केन्द्रित वक्तव्य प्रस्तुत किया गया। प्राचार्य श्री अशोक वैद ने विद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों की रिपोर्ट पेश की। मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि, प्रबंध समिति और प्राचार्य ने अनेक प्रतियोगिताओं एवं वर्ष भर आयोजित गतिविधियों में अव्वल रहे छात्रों को पुरस्कृत किया। मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन के माध्यम से शिक्षा समिति व विद्यालय की शिक्षा प्रणाली की प्रशंसा करते हुए छात्रों को अपने कौशलों का विकास करके समाज व देश की प्रगति में योगदान हेतु प्रोत्साहित व प्रेरित किया।

समारोह का मुख्य आकर्षण प्राथमिक नौनिहाल छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किए गए रंगारंग कार्यक्रम रहे। समारोह की इन इन्द्रधनुषी प्रस्तुतियों में सर्वप्रथम "गणेश वन्दना" प्रस्तुत की गई। आगे के सभी कार्यक्रम नाट्य कथानक " आत्मबोध " नाटक पर आधारित थे, जिसमें आधुनिक शिक्षा प्रणाली में गुरु-शिष्य संबंध ,शिष्य का पश्चात्ताप व गुरु ऋण से कभी उऋण न होने का कथ्य प्रदर्शित की गया ।इस थीम पर आधारित प्रस्तुतियों में छात्र- छात्राओं के भारतीय-पाश्चात्य शैली के नृत्य, अन्तिम आकर्षक कड़ी के रुप में ऑर्केस्ट्रा (वाद्यवृंद ) रहा जिसमें भारतीय व पाश्चात्य दोनों ही वाद्य यंत्रों के माध्यम से मधुर ध्वनि-सौन्दर्य का प्रसार किया गया।

विद्यालय के छात्र-प्रतिनिधि महक सचदेवा ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। राष्ट्रगान के साथ ही कार्यक्रम का समापन हुआ।

(अशोक वैद)

प्राचार्य

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading