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श्री गुरू नानकदेव जी के 550 वें प्रकाश पर्व पर उत्साहपूर्वक निकली ‘नगर कीर्तन’ की सवारी

जयपुर। श्री गुरू नानकदेवजी के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित करते हुए शनिवार को पानीपेच स्थित गुरूद्वारा नेहरू नगर एवं गुरूद्वारा बढ़ोदिया बस्ती के आयोजकों द्वारा अत्यंत सम्मान एवं मर्यादा के साथ ‘नगर कीर्तन' (शोभा यात्रा) की सवारी निकाली गई। उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में 12 नवम्बर को श्री गुरू नानकदेवजी का प्रकाश पर्व धूमधाम से मनाया जायेगा।

दोपहर 3 बजे गुरूद्वारा बढ़ोदिया बस्ती से सुखमनी साहिब पाठ, शब्द कीर्तन एवं अरदास के पश्चात् ‘नगर कीर्तन' आरम्भ हुआ। आतिशबाजी एवं गत्तका प्रदर्शन के साथ कबीर मार्ग से होते हुए यह ‘नगर कीर्तन' श्री गुरू ग्रंथ साहिब की छत्रछाया एवं पांच प्यारों की अगुवाई में शब्द गायन करते हुए अत्यंत धूमधाम के साथ कलेक्ट्री सर्किल, तुलसी मार्ग होते हुए भास्कर मार्ग, सिंधी कॉलोनी पहुंची। यहां सिंधी समाज की ओर से ‘नगर कीर्तन' का स्वागत किया गया और पांच प्यारों को सरोपा देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आतिशबाजी एवं गत्तका प्रदर्शन भी हुआ।

इसके उपरान्त झोटवाड़ा रोड, पुलिस एकेडमी रोड होते हुए यह ‘नगर कीर्तन' पानीपेच स्थित गुरूद्वारा नेहरू नगर में धूमधाम एवं मर्यादा के साथ समापन हुआ। यहां पांच प्यारों एवं श्री गुरू ग्रंथ साहिब की सवारी को रेड कारपेट पर फूलों की वर्षा करते हुए आदर एवं सम्मानपूर्वक लाया गया। गुरूद्वारा नेहरू नगर में आतिशबाजी हुई एवं गुरू का लंगर बर्ताया गया।

‘नगर कीर्तन' में श्री गुरू नानकदेव जी के उपदेशों को बैनर्स के माध्यम से प्रदर्शित किये गये। इस सवारी में 1000 से अधिक लोगों ने भाग लिया।

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