Site icon

थम जाएंगे मांगलिक कार्य

अब यदि आप कोई मांगलिक कार्य करना चाह रहे हैं तो बस शनिवार का दिन है। अन्यथा आपको सतरह दिन का इंतजार करना होगा। श्राद्ध पक्ष की शुरुआत रविवार से होगी। इस बार श्राद्ध पक्ष सोलह दिन के बजाय सत्रह दिन का होगा। पूरे सत्रह दिन पितृों को प्रसन्न करने के लिए तर्पण किए जाएंगे। कौवा, गाय, कुत्ता और चींटियों को भी ग्रास निकाला जाएगा। इस बार श्राद्ध की शुरुआत अनंत चर्तुदशी से हो रही है और समापन सोमवती अमावस्या पर होगा। उसी दिन सर्व पितृ श्राद्ध भी होगा यानी पितृों  को विदा दी जाएगी। श्राद्ध पक्ष में मुहूर्त, नई चीजें खरीदने और किसी नई शुरुआत पर एक तरह की रोक सी होती है।


Exit mobile version