लालफीताशाही सरकारी दफ्तरों में किस कदर हावी है, इसका अंदाजा हाईकोर्ट के आदेशें के बावजूद बरती जा रही कोताही से लगाया जा सकता है। स्कूल भवन पर लगे मोबाइल टावरों को हटाने के लिए शिक्षामंत्री कई बार आदेश दे चुके हैं, लेकिन किसी भी सरकारी स्कूल से कोई भी मोबाइल टावर अब तक नहीं हट पाया है। इस मामले में शिक्षा अधिकारियों का ढीला रवैया सामने आया है। मोबाइल रेडिएशन मामले में गठित कमेटी को भी हाइकोर्ट में जबाव देना है लेकिन अभी तक शिक्षा विभाग इस मामले में कोई प्रगति नहीं कर पाया है। अब तो खुद शिक्षामंत्री भी यही कह रहे हैं कि उन्होंने तो आदेश दे दिए जल्दी ही कार्रवाई भी होनी चाहिए।
