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कैसे साक्षर हैं हम?

बिड़ला सभागार में हुए राज्य स्तरीय समारोह में जिन महिलाओं को नवसाक्षर बनाकर लाया गया, उन्होंने खुद कहा कि उन्हें पढऩा लिखना नहीं आता। बावजूद इसके समारोह की औपचारिकता होती रही, मंत्री महोदय खुद की पीठ थपथपाते रहे।हर साल साक्षरता पर एक बड़ा बजट खर्च हो रहा है। राजस्थान को करेल बनाने के सपने दिखाए जा रहे हैं, पर नतीजे सपनों पर पानी फेर रहे हैं। राजस्थान में साक्षरता प्रतिशत अभी 67.6 प्रतिशत ही है। साक्षरता विभाग का दावा है कि उसने साढ़े सत्रह लाख लोगों को साक्षर बनाया है, पर अफसोस ये सिर्फ कागजों में साक्षर हैं।


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