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मेयर हुई खफा

शहर की सफाई व्यवस्था एक सितम्बर से निजी हाथों में दिए जाने का दावा कागजी साबित हुआ, जिस एटूजेड कंपनी को सरकार ने यह जिम्मेदारी दी थी, उसने शनिवार से सफाई का काम हाथ में लेने के बजाए जागरुकता अभियान शुरू कर खानापूर्ति की। यही कारण है कि मेयर ज्योति खंडेलवाल इस मुहिम की शुरुआत करने से पीछे हट गईं। जागरुकता अभियान का शुभारंभ कराने मेयर हाउस पहुंचे कंपनी के प्रतिनिधियों को मेयर ने वापस लौटा दिया।


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