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डॉ. चंद्रदीप हाडा

Researcher, Actor, Director, Organizer, Faculty



रंगमंच के क्षेत्र में शैक्षणिक योग्यताः


  1. सीनियर फैलोशिप-रंगमंच, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से पुरस्कृत, सत्र 2016-17। वर्ष 2020 में यह शोध कार्य सम्पन्न हुआ।
  2. यूजीसी नेट-रंगमंच, ललित कला संकाय, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर। पुरस्कृत, वर्ष 2017।
  3. पी.एच.डी-रंगमंच। नाटय कला व चित्रकला, ललित कला संकाय, राजस्थान विश्वविद्यालय। पुरस्कृत, 2015।
  4. जूनियर फैलोशिप-रंगमंच, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से पुरस्कृत, सत्र 2008-09। वर्ष 2011 में यह शोध कार्य सम्पन्न हुआ।
  5. राष्ट्रीय छात्रवृत्ती-रंगमंच, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से पुरस्कृत, सत्र 1998-99। वर्ष 2000 में यह अध्ययन कार्य सम्पन्न हुआ।
  6. एमए-अभिनय, नाट्य विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, सत्र 2003-05।
  7. संगीत विशारद-गायन, भातखण्डे महाविद्यालय, लखनऊ, सत्र 1995-1999।
  8. पीजी डिप्लाॅमा-नाट्यकला, नाट्य विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय। सत्र 1996-97।

डाॅ. चन्द्रदीप हाडा के प्रकाशित शोध पत्र व शोध पत्र वाचनः


प्रकाशित शोध पत्र

  1. भारतीय नाट्यकला और चित्रकला, भारतीय नाट्य शास्त्र एवं वर्तमान दृष्यकाव्य, राष्ट्रीय संस्कृत साहित्य केन्द्र, जयपुर। आएसबीएन 978-81-88741-95-3। पृ. सं. 343-346। संस्करण 2018।
  2. कालबेलिया नृत्य और गुलाबो सपेरा, राजभाषा रूपाम्बरा पत्रिका, संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली। आएसबीएन 2454-9797। पृ. सं. 25-37। अप्रेल-सितम्बर 2017, अंक 11।
  3. उत्तर आधुनिक समय और रंगमंच, ब्रज लोक सम्पदा, वृन्दावन। आएसबीएन 2320-2858। पृ. सं. 6-15। जनवरी 2017।
  4. आधुनिक रंगमंच में कुचामणी ख्याल का योगदान, शोध समीक्षा और मूल्यांकन, जयपुर। आएसबीएन 0974-2832। पृ. सं. 43-44। नवम्बर 2016-जनवरी 2017।
  5. नाट्य लेखन में विशिष्ट पहचान रही है राजस्थान की, मधुमति, राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर। आएसबीएन 2321-5569। पृ. सं. 51-54। दिसम्बर-जनवरी 2014।

शोध पत्र वाचनः

  1. उत्तर आधुनिक समय और रंगमंच, राट्रीय नाट्य संगोष्ठी, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी, जोधपुर। वर्ष 2012।
  2. रंगमंच में अभिनेता का अभ्यास, नाट्य विभाग, राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर। वर्ष 2010।

डाॅ. चन्द्रदीप हाडा का रंगमंच व टेलिविजन के क्षेत्र में कार्यानुभवः


  1. 30 वर्षों की रंगयात्रा में लगभग 40 नाटकों में अभिनय, 60 से अधिक कार्यशालाओं व 10 से अधिक पूर्णावधि व लघु नाटकों का निर्देशन। 6 बार राजरंगम् नाट्य समारोह का आयोजन व अनके डाॅक्यूमेंटरी फिल्मों में अभिनय व निर्देशन कार्य।
  2. भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां जी के जन्म दिन के उपलक्ष्य में उनके व्यक्तित्व और कृतीत्व पर आधारित 1 डाॅक्यूमेंटरी फिल्म और 2 गीतों का निर्माण वर्ष 2021 में किया।
  3. देश के महान स्वतंत्रता सेनानी सुभाष चन्द्र बोस के जीवन और संघर्ष पर आधारित नाटक ‘‘अग्निपथ’’ के मंचन 20 अक्टूबर, 13 मार्च, 16 मार्च, 19 मार्च 2021 को जयपुर में किए गए इससे पूर्व इस नाटक का मंचन 23 जनवरी 2021 को नेताजी की जयंती के उपलक्ष में दर्पण सभागार, शिल्पग्राम, उदयपुर में किया जाएगा। वेस्ट जोन कल्चरल सेंटर, उदयपुर द्वारा आयोजित। परियोजना संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से स्वीकृत। वर्ष 2018 से अभी तक इस नाटक के 9 मंचन देशभर में किए गए हैं।
  4. समकालीन राष्ट्रीय नाट्य समारोह 6ठे राजरंगम-राजस्थान रंग महोत्सव 2021 का आयोजन श्री श्री कृष्ण बलराम मंदिर, जगतपुरा, जयपुर व रवीन्द्र मंच पर दिनांक 15 अक्टूबर को दशहरा उत्सव में तथा दिनांक 19 से 23 अक्टूबर को रवीन्द्र मंच पर किया गया। इस आयोजन में 5 नाटकों के मंचन, 1 चित्र प्रदर्षनी व एक रंग संगोष्ठी के सफल आयोजन परियोजना निर्देशक डाॅ. चन्द्रदीप हाडा के निर्देशन में हुए।
  5. 1 ऑफ लाईन एक्टिंग एण्ड पर्सनेलिटी डवलपमेंट वर्कशॉप का आयोजन 20 सितम्बर से 19 अक्टूबर तक रवीन्द्र मंच पर किया गया तथा 3 ऑन लाईन एक्टिंग वर्कशॉपस के आयोजन 6ठे राजरंगम-राजस्थान रंग महोत्सव, एक समकालीन राष्ट्रीय नाट्य समारोह के तहत किए गए। परियोजना निर्देशक डाॅ. चन्द्रदीप हाडा। आयोजन एक्टर्स थिएटर एट राजस्थान।
  6. काॅज़, पेशन गुरू द्वारा देश की विभिन्न एनजीओज़ में रहने वाले बच्चों के लिए वर्चुअल थिएटर वर्कशॉप में निर्देशक के रूप में कार्यरत। वर्ष 2020-21।
  7. अभिनय प्रशिक्षक के रूप में जी इन्स्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्टस्, जयपुर (ज़ीमा) में कार्य किया, वर्ष 2020-21।
  8. संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से वर्ष 2018 में पुरस्कृत सीनियर फैलोशिप-रंगमंच शोध कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। शीर्षकः राजस्थान के आधुनिक रंगमंच में लोक नाट्य शैलियों के प्रयोग। जयपुर, जोधुपर, उदयपुर व बीकानेर सम्भाग के विशेष सन्दर्भ में एक सर्वेक्षणात्मक अध्ययन। सत्र 2016-17।
  9. 30 दिवसीय रंगमंच कार्यशाला आधुनिक रंगमंच में लोक नाट्य शैलियों के प्रयोग हेतु निर्देशक के रूप में कार्य किया। वर्ष 2019-20 में संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली से स्वीकृत परियोजना, आयोजक संस्था एक्टर्स थिएटर एट राजस्थान।
  10. कोविड-19 लाॅकडाउन व अनलाॅक पीरियड में 4 ऑन लाईन रंगमंच कार्यशालाओं का निर्देशन। सहयोग पेशन गुरू, काॅज। कोविड जारूकता के लिए घर पर रह कर ही कई शाॅर्ट फिल्मों का निर्माण किया। वर्ष 2020। आयोजक संस्था एक्टर्स थिएटर एट राजस्थान।
  11. श्री गुरू नानक देव जी के 550 वें जन्मपर्व के उपलक्ष में फिल्म्स् डिवीजन और इण्डिया, मुम्बई (एफडीआई) द्वारा स्वीकृत डाॅक्यूमेंटरी फिल्म गुरू बाणी में प्रोडक्शन कन्ट्रोलर के रूप में कार्य। वर्ष 2020।
  12. रिपब्लिक डे केम्प (आरडीसी) एनआईएपी, एनसीसी, जयपुर केम्पस द्वारा निर्मित नाटक अद्भुत राजस्थान का लेखन व निर्देशन। वर्ष 2019।
  13. श्रीश्री कृष्ण बलराम मंदिर, अक्षय पात्र फाउण्डेशन, जयपुर द्वारा आयोजित दशहरा मेला उत्सव में नाटक रामलीला का निर्देशन किया। दर्षक लगभग 25000। वर्ष 2019।
  14. कला के क्षेत्र में विवेकानन्द गौरव सम्मान 2019 न्यायमूर्ति माननीय श्री मनीष भण्डारी, राजस्थान उच्च न्यायालय, वीसी प्रो. आर.के. कोठारी, राजस्थान विश्वविद्यालय व जयपुर सम्भाग कलैक्टर श्री जगरूप सिंह यादव द्वारा सम्मानित। वर्ष 2019।
  15. कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों पर आधारित 3 डाॅक्यूमेंटरी फिल्मों का निर्देशन। रे ऑफ होप, वी शैल ओवरकम, वाॅर अगेन्स्ट लेपरोसी। वर्ष 2018-19।
  16. आमेर विधायक डाॅ. सतीश पूनिया के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित एक डाॅक्यूमेंटरी फिल्म व एक वीडियो गीत का निर्देशन। वर्ष 2018।
  17. संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा संचालित भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत योजना के तहत पद्मश्री गुलाबो सपेरा और उनके कालबेलिया नृत्य पर आधारित पीरियोडिक रिपोर्ट का निर्माण। वर्ष 2017।
  18. उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद के निर्देशक के पद का साक्षात्कार उत्तर प्रदेश के राज्यपाल महामहिम श्रीमान राम नायक जी के समक्ष। वर्ष 2017।
  19. नाट्य कला विषय में यूजीसी नेट, सेट, स्लेट की उपाधि पुरस्कृत। वर्ष 2017।
  20. राजस्थान के राज्य पक्षी गोडावन पर आधारित लगभग 1 घन्टा अवधि की डाॅक्यूेंटरी फिल्म इन सर्च ऑफ गोडावन में में प्रोडक्शन कन्ट्रोलर के रूप में कार्य। फिल्म्स् डिवीजन और इण्डिया, मुम्बई (एफडीआई) द्वारा स्वीकृत। वर्ष 2016-17।
  21. संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली द्वारा संचालित भारत की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत योजना के तहत राजस्थान की विविध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियां (कच्छी घोड़ी शैली के परम्परिक कलाकारों पर आधारित एक सर्वेक्षणात्मक अध्ययन) वर्ष 2016।
  22. जवाहर कला केन्द्र के एडिशनल डायरेक्टर जनरल के पद का साक्षात्कार। वर्ष 2015।
  23. राजस्थान विश्वविद्यालय के 26वें दीक्षान्त समारोह में माननीय राज्यपाल व कुलाधिपति महामहिम श्रीमान कल्याण सिंह जी के करकमलों द्वारा रंगमंच के क्षेत्र में पी.एच.डी. की उपाधि वर्ष 2015 में पुरस्कृत हुई। शीर्षकः भारतीय रंगमंच परम्परा तथा चित्रकला से सम्बन्धः राजस्थान के वरिष्ठ नाट्य निर्देशक और उनके प्रमुख नाटकों के विशेष परिप्रेक्ष्य में एक अध्ययन। पी.एच.डी. शोध प्रबन्ध, पुरस्कृत वर्ष 2013।
  24. मारवाड के वीर योद्धा दुर्गादास राठौड़ पर आधारित डाॅक्यूड्रामा अमोलक रूखाळो में प्रोडक्शन कन्ट्रोलर। मेहरानगढ़ फोर्ट ट्रस्ट की प्रस्तुति। वर्ष 2013-14।
  25. साक्षात्कार, डिप्टी सैक्रेटरी-ड्रामा, संगीत नाटक अकादेमी, नई दिल्ली। वर्ष 2012।
  26. दूरदर्शन राजस्थान की स्वगृही प्रस्तुति डेजर्ट काॅलिंग में प्रमुख अभिनेता के रूप में 73 कडियों में अभिनय। राजस्थान के पर्यटन, कला, संस्कृति, साहित्य व पुरातत्व महत्व पर आधारित एक यात्रावृतान्त। वर्ष 2009 व 2011 में निर्मित। 13 वर्षों तक दूरदर्शन के सभी हिन्दी चैनल्स् के माध्यम से विश्वभर में लगातार प्रसारित होने का कीर्तिमान।
  27. जूनियर फैलोशिप-रंगमंच, पुरस्कृत, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार। शीर्षकः भारतीय नाट्य कला के इतिहास में राजस्थान के वरिष्ठ नाट्य निर्देशक और उनके प्रमुख नाटकों की परिकल्पना। एक सर्वेक्षणात्मक अध्ययन। सत्र 2008-09।
  28. यातायात शिक्षा पर आधारित देश के पहले धारावाहिक अनमोल जीवन में एंकर, अभिनेता व सहाय निर्देशक के रूप में कार्य किया। वर्ष 2007-08।
  29. ऑल सेंट चर्च स्कूल, जयपुर में रंगमच प्रशिक्षक के रूप में कार्य। सत्र 2006-07।
  30. एमए-अभिनय, नाट्य विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय, सत्र 2004-05। एन्टिगनी, अन्धायुग, मीरा तथा आखिर इस मर्ज की दवा क्या है? जैसे नाटकों में अभिनय किया।
  31. पहली अंतरराष्ट्रीय नाट्य प्रस्तुति अन्धायुग में अभिनीत चरित्र संजय व घायल सैनिक। प्रस्तुति नाट्य विभाग, रा.वि.वि.। प्रोजेक्ट एस्त्रोपोलिताना, स्लाॅवाकिया, वर्ष 2004।
  32. राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, नई दिल्ली व जवाहर कला केन्द्र, जयपुर द्वारा आयोजित प्रस्तुति परक अभिनय कार्यशाला में प्रतिभागिता। निर्देशक श्री भानु भारती। वर्ष 2003।
  33. ईटीवी राजस्थान में प्रोडक्शन कन्ट्रोलर व सहायक निर्देशक। वर्ष 2002 व 2003।
  34. ईटीवी उर्दू की नाटक योजना के तहत 2 नाटकों खजूर में अटका व नीम हकीम में अभिनय व सहायक निर्देशक के रूप में कार्य। निर्देशक जयरूप जीवन। वर्ष 2001
  35. संगीत विशारद-गायन, भातखण्डे संगीत महाविद्यालय, लखनऊ। वर्ष 1999।
  36. संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार से राष्ट्रीय छात्रवृत्ती-रंगमंच पुरस्कृत। सत्र 1998-99।
  37. पीजी डिप्लाॅमा-नाट्यकला, नाट्य विभाग राजस्थान विश्वविद्यालय। सत्र 1996-97
  38. जवाहर कला केन्द्र, जयपुर के पहले बाल नाट्य शिविर से वर्ष 1992 में रंगयात्रा प्रारम्भ। बाद में वर्ष 1993, 94, 95 तक यहां प्रशिक्षण प्राप्त किया।
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