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मेड इन इंडिया नहीं, मेड बाई इंडिया की जरूरत- प्रोफेसर भगवती प्रकाश

(कोविड-19, मीडिया एंड सोसाइटी कांफ्रेंस शुरू)

29 जून, चुड़ेला।

कोविड-19 के बाद की ख़राब होती अर्थव्यवस्था में सरकार को कई नीतिगत फैसलों को बदलने की जरूरत है. आर्थिक मोर्चे पर देश को आगे ले जाने के लिए मेड इन इंडिया नहीं, बल्कि मेड बाई इंडिया की जरूरत है. साथ ही इम्पोर्ट्स पर लगाम लगा के एक्सपोर्ट्स को बढ़ाने की कोशिश करनी होगी। ये कहना है जाने-माने अर्थशास्त्री और गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रोफेसर भगवती प्रकाश शर्मा का। वे आज श्री जेजेटी यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एन्ड मास कम्युनिकेशन की ओर से ‘कोविड-19, मीडिया एंड सोसाइटी' विषयक दो दिवसीय ऑनलाइन नेशनल कांफ्रेंस के प्रथम सत्र कोविड-19 सोशल, पॉलिटिकल एंड इकॉनोमिक सेनेरिओ को सम्बोधित कर रहे थे।

प्रोफेसर भगवती प्रकाश ने चैलेंजेज एंड पॉलिसी इंटरवेंशन फॉर पोस्ट कोविड-19 इकोनॉमिक रिवाइवल विषयक पर अपने शोध पत्र के माध्यम से वोकल फॉर लोकल पर बल दिया। उन्होंने फॉरेन टेकओवर की प्रवृत्ति को तत्काल रोकने और स्थानीय उद्यमों की मदद करने का आह्वान किया। उन्होंने वर्ल्ड जीडीपी में भारत के घटते योगदान , इंटीग्रेटेड रूरल डेवलपमेंट और तकनीकी राष्ट्रवाद जैसे विषयों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

प्रथम सत्र में श्री इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन के पूर्व निदेशक प्रोफेसर जेएस यादव ने स्ट्रेटेजिक कम्युनिकेशन फॉर बिहेवियरल चेंजेस ड्यूरिंग कोविड-19, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. लोकेश शेखावत ने कोरोना काल की चुनौतियाँ, प्रभाव एवं समाधान, वरिष्ठ पत्रकार गोपाल मिश्रा ने कोविड-19 बायोलॉजिकल वॉर ऑफ़ चाइना और राजस्थान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. केएल शर्मा ने अनएंटीसीपेटेड सोशल कोंसिक्युएंसेस ऑफ़ कोरोना वायरस विषय पर सम्बोधित किया।

द्वितीय सत्र ‘बियोंड दी करेज' में वरिष्ठ पत्रकार यशवंत व्यास ने इन सर्च ऑफ़ न्यूज़ पेपर में बताया कि किस तरह से अखबार को कोरोना का करियर मान कर प्रिंट मीडिया को कोरंटाइन कर दिया गया। प्रसार भारती के डेप्यूटी डायरेक्टर रणवीर सिंह त्यागी ने महामारी के समय मीडिया की प्रतिबध्दता पर चर्चा की, तो ऑल इंडिया रेडियो की प्रोग्राम हेड रेशमा खान ने एफ्फिकेसी ऑफ रेडिओ ड्यूरिंग पंडामिक सिचुएशन पर अपनी बात रखी। वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट हिमांशु व्यास ने लॉक डाउन के दौरान खींची गई तस्वीरों पर आई विटनेस अकाउंट ऑन कोविड-19 में विज़ुअल्स के साथ अपने अनुभवों को साझा किया। विजुअल स्टोरी टेलर डॉ. ताबीना अंजुम कुरैशी ने कोरोना काल को अपनी फोटोज के जरिए बयां किया। मीडिया विशेषज्ञ भानुप्रताप सिंह ने रोल ऑफ कम्युनिकेशन इन रूरल डेवलपमेंट पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया।

गौरतलब है कि इस कांफ्रेंस में ऑल इंडिया रेडियो जयपुर और जी राजस्थान न्यूज़ सहयोगी हैं ।

डॉ. संजय मिश्रा
कन्वीनर
9829558069


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