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कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न के सम्बन्ध में आंतरिक शिकायत समिति गठित करना अनिवार्य, अधिनियम की पूर्ण पालना अपरिहार्य -जिला कलक्टर

जयपुर, 01 नवम्बर। जिला कलक्टर श्री जगरूप सिंह यादव ने सभी विभाग, उद्यम, संस्थानों एवं कार्यालयों या कार्य स्थलों के 10 या 10 से अधिक कार्मिकों वाले सम्भाग अथवा उपखण्ड स्तरीय हर कार्यालय एवं प्रशासनिक इकाई में भारत सरकार द्वारा महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिग उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (2013 का केन्द्रीय अधिनियम संख्या-14) के अनुरूप आंतरिक शिकायत समिति का गठन करने के लिए निर्देशित किया है।

श्री यादव ने बताया कि नियोक्ता द्वारा अधिनियम के अन्तर्गत कार्यशालाएं एवं जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना एवं वार्षिक रिपोर्ट जिला कलक्टर जयपुर एवं उपनिदेशक महिला अधिकारिता जयपुर के कक्ष संख्या 206, जिला कलक्टे्रट में भिजवाया जाना अनिवार्य है।

श्री यादव ने बताया कि यह अधिनियम पूर्व में लागू किया जा चुका है। इस अधिनियम का महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार की वेबसाइट http://www.wcd.nic.in तथा महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार की वेबसाइट http://www.wcd.rajasthan.in पर अवलोकन किया जा सकता है। श्री यादव ने बताया कि कार्यस्थल पर आंतरिक समिति गठन के आदेश का प्रदर्शन किया जाना भी जरूरी है। इस आदेश में समिति के अध्यक्ष, सदस्यों के नाम एवं मोबाइल नम्बर होना भी आवश्यक है। श्री यादव ने बताया कि इस अधिनियम की पूर्ण पालना नहीं होने की स्थिति में अधिनियम 2013 के अनुसार दंडित किया जाएगा एवं शास्ति प्रतिरोपित की जाएगी।

सखी (अपराजिता केन्द्र)ः वन स्टॉप सेन्टर एवं हैल्प लाइन

जिला कलक्टर श्री यादव ने बताया कि महिला कार्मिेकों की सहायता के लिए यह केन्द्र जयपुरिया अस्पताल, टोंक रोड़, जयपुर के परिसर 24 घंटे संचालित किया जा रहा है। यहां पर किसी भी प्रकार की हिंसा से पीड़ित महिलाओं हेतु निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, परामर्श सेवाऎं, न्यायिक सहायता, पुलिस सहायता तथा अस्थायी आश्रय सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसी प्रकार महिलाओं एवं बालिकाओं की सहायता, सलाह, मदद, सूचना, मार्गदर्शन के लिए राज्य में महिला हैल्पलाइन-181 सेवा भी 24 घंटे संचालित की जा रही हैं।

Source Press Release : DIPR


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