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फिर बढ़ेगा राजस्थान में सफारी ट्यूरिज्म

-सरिस्का, रणथम्भौर में रौनक

एक बार फिर सरिस्का और रणथम्भौर में पर्यटकों की रौनक हो गई है। बुधवार रणथंभौर में सुबह 7 बजे से पहले पार्क खोला गया। पहले ही दिन 443 पर्यटकों ने इसमें भ्रमण किया। पर्यटकों को पार्क में टी-39 बाघिन और उसका शावक अठखेलियां करते भी नजर आए। कुछ समय से बाघ संरक्षण परियोजना के तहत यहां के टाइगर रिजर्व एरिया में भ्रमण की मनाही थी, लेकिन नई गाइडलाइन के साथ अब यह मनाही हटा ली गई है। सेंचुरी के कोर एरिया में प्रदेश में सर्वाधिक पर्यटन गतिविधियां रणथंभौर अभ्यारण्य में होती हैं।
कोर एरिया-क्रिटिकल बाघ आवासों के लिए चिन्हित क्षेत्र को कोर एरिया कहते हैं। इस एरिया में 12 फीट तक चौडे रास्ते के दोनो ओर 50 से 200 फीट के इलाके से पर्यटकों को बाघ देखने की अनुमति होती है।
राजस्थान में सरिस्का और रणथम्भौर राष्ट्रीय संरक्षित पार्क हैं। यहां आकर सफारी ट्यूरिज्म का आनंद लिया जा सकता है। सरिस्का और रणथम्भौर के जंगलों में टाइगर रिजर्व एरिया का भ्रमण करना अपने आप में अनूठा अनुभव होता है। जयपुर से 107 किमी की दूरी पर स्थित सरिस्का में जहां सिलीसेड, पाण्डुपोल और भृतहरि जैसे स्थान बड़ी मात्रा में लोकल ट्यूरिस्ट को आकर्षित करते हैं, वहीं सरिस्का के घने जंगलों के बीच जयपुर-अलवर हाईवे पर स्थित होटल सरिस्का पैलेस विदेशी ट्यूरिस्ट को खासा प्रभावित करता है। वहीं रणथम्भौर जयपुर से रेल्वे नेटवर्क से जुड़ा है। जयपुर से सवाई माधोपुर के लगभग 3 घंटे के रेल सफर के बाद सवाईमाधोपुर से रणथम्भौर 9 किमी की दूरी पर है। रणथम्भौर का विश्वविख्यात किला भी इसी सेंचुरी के सामने है।
कोर्ट ने राज्यों को गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है। राजस्थान की वन मंत्री बीना काक इस फैसले से खुश हैं। उनका मानना है अब राजस्थान में ट्यूरिज्म ट्रेफिक बढ़ेगा। उनके अनुसार अभ्यारण्यों को कोर और क्रिटिकल बाघ आवासों में बांटा गया है, उसमें नियंत्रित पर्यटन गतिवििधयों की अनुमति दी जाएगी। रणथंभौर में ट्यूरिज्म बिजनेस से जुड़े लोगों ने तो यह फैसला आने के बाद मिठाईयां बांटकर और पटाखे चलाकर खुशी जाहिर कर दी। क्यूं ना हो, इस फैसले से रणथम्भौर के होटल व्यवसाईयों, नेचर गाइड्स, वाहन मालिकों और ट्रैवल एजेंटों को लाभ पहुंचना फिर से आरंभ हो गया है।
नई गाइडलाइन-नई गाइडलाइन के अनुसार कोर एरिया में पर्यटन को मंजूरी दी है। गाइडलाइन की अधिसूचना 15 अक्टूबर को जारी की गई थी। गाइडलाइन के अनुसार टाइगर क्रिटिकल कोर एरिया में किसी निर्माण को मंजूरी नहीं दी जाएगी। कोर्ट ने 6 महिने में राज्य सरकारों को बाघ संरक्षण परियोजना बनाकर प्राधिकरण को सौंपने के निर्देश दिए हैं। वहीं जंगल एरिया में रहने वाले ग्रामीणों और कबीलों को भी वहां से हटाकर उनका पुनर्वास करने का भी सुझाव दिया है। गाइडलाइन के अनुसार वन्यजीवों से ट्यूरिस्ट्स को दूरी कम से कम 20 मीटर और वाहन की 50 मीटर बनाकर रखनी होगी, वन्यजीवों को एक जगह से 15 मिनट से ज्यादा नहीं देखा जाए और वन्यजीवों को खाद्य वस्तुएं दिखाकर ललचाया न जाए।
सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को एक फैसला लेते हुए 41 बाघ अभ्यारणों के कोर इलाके में पर्यटन संबंधी हलचलों पर से रोक हटा ली है। इससे राजस्थान में सरिस्का और रणथंभौर टाइगर रिजर्व पर्यटन के लिए खुल जाएंगे। कोर्ट ने यह पाबंदी 24 जुलाई को कोर एरिया में पर्यटन पर पाबंदी लगा दी थी।

होटल झूमर बावड़ी रहा सुर्खियों में– रणथंभोर  का पूरा इलाका  सीटीएच में शामिल होने के बाद कोर्ट ने पूरे इलाके में ट्यूरिज्म पर रोक लगा दी थी। 16 अक्टूबर को नई गाइडलाईन आने से यह  प्रतिबंध हटा लिया गया। नई गाइडलाईन के तहत सीटीएच  में यदि  कोई होटल संचालित हो रहा  है तो उसे  छह माह में हटा लेने के निर्देश थे। रणथंभोर में आरटीडीसी के होटल झूमर बावड़ी पर इसी कारण  संकट आ सकता है।

टाइगर प्रोजेक्ट के  लिए 3.77 करोड़-रणथंभोर अभ्यारण्य के  लिए सरकार ने  3.77 करोड रुपए मंजूर किए। टाइगर प्रोजक्ट के तहत काम आने वाली यह राशि यहीं पर्यटकों के प्रवेश शुल्क और वाहन  शुल्क से एकत्र की  गई है। राशि का प्रयोग जंगल के रखरखाव, सुरक्षा और  अन्य व्यवस्थाओं के लिए किया  जाएगा।


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