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दशा कब सुधारेगी सरकार

आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों की बेहतरी के लिए शुरू किए गए थे। लेकिन उनके खुद के हालात इतने बदतर हैं कि क्या कहिए। यह दावा पीयूसीएल संगठन ने शहर की करीब 350 आंगनबाड़ी सेंटर्स का सर्वे करने के बाद किया है। संगठन ने बताया कि शहर के 90 प्रतिशत आंगनबाड़ी केन्द्रकिराए के भवनों में चल रहे हैं। अधिकतर केन्द्रों पर पेयजल तक नहीं है। बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए खोले गए आंगनबाड़ी केन्द्र खुद कुपोषण का शिकार हैं। सर्वे के दौरान संगठन को करीब 30 आंगनबांड़ी केन्द्र बंद मिले और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अनुपस्थित थे।


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