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जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में शुरु हुआ मीडिया का महाकुंभ

जयपुर। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में शुक्रवार को दो दिवसीय मीडिया समिट अनुगूंज का शुभारंभ हुआ। इसमें देश भर के मीडिया के दिग्गज जुड़े और उन्होंने प्रिंट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के वर्तमान स्वरुप, भविष्य और विभिन्न पहलुओं पर बात की। दिग्गजों का कहना है कि जमीन से जुड़कर ही बेहतर जर्नलिज्म कर सकते हैं। इस मौके पर जेयू के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने बताया कि यह मीडिया समिट का कार्यक्रम जेयू की एकेडमिक एक्टिविटीज को बढ़ावा देता है और इससे विद्यार्थियों को मीडिया के वर्तमान परिदृश्य का भी पता चलता है। वहीं एक सत्र में वाइस चेयरपर्सन अमित अग्रवाल ने मीडिया व सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए मुद्दे उठाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मीडिया के रुप में पहचान स्थापित करने की बात कही। अब मीडिया समिट के दूसरे दिन शनिवार को वरिष्ठ पत्रकार राहुल देव, अजीत अंजुम और अंशुमन तिवारी आएंगे और मीडिया से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेंगे।

जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल, प्रेसीडेंट प्रो डीपी मिश्रा, आउटरीच एंड मार्केटिंग स्ट्रैटजी के डायरेक्टर धीमांत अग्रवाल, फर्स्ट इण्डिया के सीएमडी जगदीश चंद्रा और इण्डिया न्यूज ग्रुप के चीफ एडिटर अजय शुक्ला ने दीप प्रज्वलित कर के कार्यक्रम की शुरुआत की। प्रेसीडेंट प्रो डीपी मिश्रा ने स्वागत वक्तव्य और पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यक्ष अमित शर्मा ने वक्ताओं का परिचय दिया। इस दौरान विभाग के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

कठिन मेहनत का नहीं होता है कोई विकल्प : जगदीश चंद्रा

पहले सत्र में फर्स्ट इण्डिया के सीएमडी जगदीश चंद्रा ने कहा कि कठिन मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता है। आज भी कठिन मेहनत करने वाला व्यक्ति सफलता के शिखर तक पहुंचता है। उन्होंने युवा पत्रकारों को प्रतिदिन कम से कम तीन अखबार पढ़ने और दो टीवी चैनल देखने के लिए कहा। उन्होंने बताया कि आज हर किसी के हाथ में मोबाइल और इंटरनेट है। इसलिए युवा पत्रकारों को आज कंटेंट लिखने और उसे प्रस्तुत करने में माहिर होना चाहिए। तभी वह इस इंडस्ट्री में टिक पाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने युवा पत्रकारों को पत्रकारिता के क्षेत्र में जमीन से जुड़कर काम करने की सीख दी। उन्होंने बताया कि पत्रकारों में खबरों को नशा होना चाहिए। अपने वक्तव्य के दौरान कहानियों और घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने युवाओं को जीवन में आगे बढ़ने और सफल होने के गुर बताए। वहीं, इसी सत्र में दूसरे मुख्य वक्ता इण्डिया न्यूज ग्रुप के मल्टीमीडिया के एडिटर अजय शुक्ला ने बताया कि नैतिकता के दायरे में भी रहकर पत्रकारिता की जा सकती है। उन्होंने सवालों का जवाब देते हुए पत्रकारिता के वर्तमान स्वरुप और भविष्य की चुनौतियों पर बात की। इस सत्र का संचालन भाविका जोशी और भाविक जैन और मॉडरेशन लवीना ज्ञामलानी ने किया।

चुनौतियों से भरा है पत्रकारिता का क्षेत्र, कठिन मेहनत ही पार लगाएगी नैया

दूसरे सत्र में दैनिक भास्कर के स्टेट एडिटर लक्ष्मी प्रसाद पंत ने मुख्य वक्ता के रुप में अपनी बात रखी। पाश की कविता का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि युवाओं को सपने देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का क्षेत्र चुनौतियों से भरा हुआ है। हमें यह चिंता रहती है कि सुबह पाठकों को क्या नया कंटेंट दिया जाए। ऐसे में कठिन मेहनत ही काम आती है। उन्होंने बताया कि रिपोर्टर को जमीन से, जल से और विभिन्न जगहों से खबरें लेकर आना चाहिए। मूल खबर तो गांव में प्रधान या सरपंच के पास ही मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और उसका प्रिंट की पत्रकारिता पर होने वाले असर पर भी बात की। उन्होंने जापान की बढ़ती हुई तकनीक का उदाहरण देते हुए कहा कि अपनी विश्वसनीयता के कारण ही प्रिंट का भविष्य उज्ज्वल है और यह बची और महत्वपूर्ण बनी रहेगी। वहीं, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के वाइस चेयरपर्सन अमित अग्रवाल ने भी उनसे बात की और मीडिया व सामाजिक सरोकार से जुड़े हुए मुद्दे उठाए। इस सत्र का संचालन वैशाली और चारू शर्मा व मॉडरेशन पुलकित शर्मा ने किया।


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