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जयपुर विकास प्राधिकरण

jaipur-devlopment-authorityजयपुर आज दुनिया के सबसे सुंदर और बेहतरीन शहरों में शुमार है। यहां की चौड़ी काली सपाट सड़कें। भव्य मॉल, कई मंजिला इमारतें, उद्यान और बाजार सभी बेहद आकर्षक हैं। यहां का ऐतिहासिक स्थापत्य तो सोने पर सुहागा है ही। यहीं कारण है कि वर्ष 2012 में जयपुर को विजिट करने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या राजस्थान के अन्य शहरों की तुलना में कही ज्यादा थी। चारों दिशाओं में तेजी से फैलते इस मेट्रो शहर को यह गौरव दिलाने में जयपुर विकास प्राधिकरण यानि जेडीए की भूमिका अहम है। जयपुर में आम जीवन को और ज्यादा सुविधापूर्ण बनाने के लिए जेडीए लगातार कई प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। आगरा टनल, रामनिवास बाग पार्किंग, अंडरपास, ओवरब्रिज और सड़कों की चौड़ाई का विस्तार इन्हीं विकासों के प्रमुख चरण हैं।

पता-
जयपुर विकास प्राधिकरण,
इंदिरा सर्किल, जेएलएन मार्ग,
बिड़ला मंदिर के सामने,
जयपुर, राजस्थान।

जयपुर विकास प्राधिकरण, राजस्थान सरकार की एक एजेंसी है और जयपुर शहर के लिए मास्टर प्लान की तैयारियों के कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार है। यह जयपुर के विकास और पर्यावरण संरक्षण के अलावा शहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए ढांचागत और बुनियादी सुविधा के विकास में लगातार सक्रिय है।

जयपुर विकास प्राधिकरण की औपचारिक शुरूआत 5 अगस्त 1982 को हुई। इसकी स्थापना के पीछे उद्देश्य जयपुर शहर के लिए विकासात्मक योजनाएं बनाना और क्षेत्र के समुचित, व्यवस्थित और तेजी से विकास की निगरानी करना है।

आवासीय योजनाएं-

वर्तमान में जयपुर की आबादी 50 लाख के आस-पास है। इतनी बड़ी जनसंख्या को सस्ते और सुविधाजन्य आवास उपलब्ध कराना जेडीए की बड़ी जिम्मेदारी है। इस जिम्मेदारी को जेडीए बरसों से भली प्रकार निभा रहा है। जेडीए की ओर से प्रस्तावित आवास योजनाओं की संख्या और हर परिवार को सभी नागरिक सुविधाओं से युक्त एक अच्छा घर उपलब्ध कराने की दिशा में जेडीए लगातार प्रयास कर रहा है। हाल ही में जेडीए पांच लाख सस्ते आवासों और सरकार द्वारा पहली किस्त चुकाकर बीपीएल को घर उपलब्ध कराने की परियोजना पर कार्य कर रहा है। साथ ही तमाम विकास योजनाओं में हटाए गए आवासों के पुनर्वास की योजना भी तेजी से चल रही है।

परियोजनाएं-

जयपुर विकास प्राधिकरण विकास के सभी क्षेत्रों में तेजी से कार्य कर रहा है। ये परियोजनाएं तेजी से बढ रही व्यापारिक और वाणिज्यिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर अमल में लाई जा रही हैं। प्राधिकरण ने व्यावसायिक और सामान्य खुदरा व्यापार, थोक व्यापार और भंडारण व गोदाम, विशेष बाजारों, कई तरह की तरह वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए भूमि का अधिग्रहण किया है। जयपुर विनिर्माण उद्योगों से एक सकारात्मक प्रगति हुई है। इसे और आगे तक बढाने के लिए और विकास को बढ़ावा देने के लिए जेडीए द्वारा 2904 एकड़ जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा।
जयपुर में मनोरंजन सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर परियोजनाओं का क्रियान्वन किया जा रहा है। इनमें क्षेत्रीय स्तर, शहर स्तर और स्थानीय स्तर पर तीन नए स्टेडियमों और खेल के मैदानों के निर्माण के अलावा एक विशाल पार्क के विकास के लिए बड़े स्तर पर विकास कार्य किया जा रहा है। जेडीए की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग से जुडे जयपुर के छोटे छोटे उपशहरों, कॉलोनियों और कस्बों को आधुनिक सड़कों से जोड़ा गया है। इस सड़क नेटवर्क की योजना और विस्तार देने के लिए कार्य प्रगति पर है। इससे जयपुर के विस्तार में और तेजी आएगी।

जयपुर विकास प्राधिकरण को अधिनियम 1982 (25 Act.) के तहत राजस्थान सरकार के शहरी विकास और आवास योजना विभाग के तहत गठित किया गया था।

जयपुर विकास प्राधिकरण को विकास योजनाओं और योजना कार्यान्वयन के साथ जयपुर के नागरिकों के हित में कार्य के लिए प्रतिबद्ध किया गया है। अपनी स्थापना से लेकर अब तक जेडीए लगातार जयपुर को प्रगति के उच्च स्तर पर ले जाने के प्रयास कर रहा है। जयपुर अपनी स्थापना के समय योजनाबद्ध तरीके से बसाया गया था। जेडीए आधुनिक समय में भी इस शहर के विकास को इसी ’थीम’ के आधार पर बढावा दे रहा है। सुनियोजित विकास जेडीए की केंद्रीय विचारधारा है।

जयपुर विकास प्राधिकरण का अस्तिव तेजी से महानगर बनते जयपुर में जनसंख्या की बढ़ती जरूरतों के मद्देनजर में सामने आया। राजस्थान सरकार ने इस महानगर की जरूरतों के हिसाब से एक इसके विकास के लिए एक बड़ा संगठन गठित किया। प्राधिकरण ने अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए ’ग्रीन जयपुर, क्लीन जयपुर’ के आधार पर इस शहर की प्रगति की और कई आयामों की स्थापना की। आज जो जयपुर आपको परकोटे के बाहर खिला-खिला और निखरा नजर आता है, उसका चेहरा संवारने में जेडीए की 31 वर्षों की अथक मेहनत है।

वर्तमान में जेडीए नगरवासियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए समयबद्ध निर्माण कर रहा है और पूरी तरह वैज्ञानिक और उच्च तकनीकी रणनीति के आधार पर जयपुर को पश्चिमी व दक्षिण दिशा में प्रसार के लिए प्रयासरत है। जेडीए न केवल जयपुर की पर्यटन डेस्टीनेशन की छवि को बरकरार रखते हुए कार्य कर रहा है, अपितु नागरिकों की सुविधा और उन्नत जीवन स्तर के लिए भी सराहनीय कार्य कर रहा है।

प्राधिकरण के प्रमुख उपक्रम-

जेडीए राजस्थान सरकार के वादों और प्रतिबद्धताओं के अनुसार जयपुर शहर का विकास समय की मांग और जनसुविधाओं को ध्यान में रखकर कर रहा है। सभी योजनाएं आने वाले समय को ध्यान में रखकर बनाई जा रही हैं। जेडीए द्वारा सभी मुख्य सड़कों, पुलों और यातायात को विनियमित करने, प्रदूषण को कम करने के लिए, जनता की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सतत कार्य कर रहा है।

-शहर योजनाएं-

वर्धमान पथ : ट्रेफिक एजुकेशन स्ट्रीट

जयपुर में भगवानदास रोड और महावीर मार्ग के बीच वर्धमान पथ (सेंट जेवियर स्कूल से सटी गली) ट्रेफिक एज्युकेशन स्ट्रीट (ट्रैफिक गैलरी ) के रूप में विकसित होगा। 370 मीटर लंबे इस मार्ग पर ट्रेफिक व सड़क सुरक्षा से जुड़ी हर जानकारी प्रायोगिक व सैद्धांतिक रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए यहां जेब्रा कॉसिंग, फुटपाथ, मीडियन, साइकिल ट्रेक विकसित किया जाएगा। जिससे खासकर स्कूल के बच्चों, युवा वर्ग को एक ही गली में रोड सेफ्टी से जुड़ी आवश्यक जानकारियां दी जा सकें। इसके लिए जेडीए ने करीब 40 लाख रूपए की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी भी कर दी है। जेडीए में 9  मई को जेडीसी कुलदीप रांका की अध्यक्षता में ट्रेफिक कंट्रोल बोर्ड की  बैठक में इस पर सहमति भी बनी। इस दौरान मुस्कान संस्था ने प्रजेंटेशन भी दिया। बैठक में मुख्य रूप से रोड सेफ्टी एक्शन प्लान पर मंथन हुआ। इस दौरान डीसीपी ट्रेफिक लता मनोज कुमार, पुलिस उप महानिरीक्षक जीएल शर्मा, नगर निगम सीईओ जगरूप सिंह यावव के अलावा परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी व जेडीए के कई अधिकारी थे।
वन-वे होगा रास्ता
ट्रेफिक गैलरी के रूप में विकासित होने के बाद इस रास्ते को वन वे किया जाएगा। वाहन चालक भगवान दास रोड से महावीर मार्ग की तरफ आ सकेंगे। लेकिन महावीर मार्ग की तरफ जा नहीं सकेंगे। यहां समय समय पर प्रदर्शनी  भी लगाई जाएगी। फिलहाल वर्धमान पथ की एक चौथाई हिस्से की दीवारों पर टैफिक नियमों की से जुड़ी जानकारी चित्रों के माध्यम से दी जा रही है।


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