News Ticker

हस्तकलाओं का शहर जयपुर

हस्तकलाओं का शहर जयपुर

जयपुर न केवल राजस्थान का, न केवल भारत का बल्कि विश्व का अनोखा और अजूबा शहर है। एक ऐसा शहर है जिसका हर कोना किसी जीते जागते म्यूजियम से कम नहीं है। इस शहर की खूबसूरती में यहां के ऐतिहासिक नगर नियोजन का हाथ तो है ही, इसके साथ ही जयपुर की खूबसूरती को जीवंत बनाने में यहां की हस्तकलाओं का विशेष योगदान है।
हस्तकला हाथों से की जाने वाली वह कारीगरी है जिसमें वस्तुओं को खूबसूरत और कलात्मक बनाया जाता है। इन कलाओं ने जयपुर की सुंदरता को बढ़ाया तो है ही वैश्विक स्तर पर जयपुर को आर्थिक संबल भी प्रदान किया है। जयपुर में बहुत सारी हस्तकलाएं वर्षों से वजूद में हैं और वे आज भी जयपुर की आर्थिकी को मजबूत बनाए हुए हैं।

संगमरमर की मूर्तियों का निर्माण

जयपुर की शिल्पकारी दुनियाभर में मशहूर है। यहां संगमरमर और अन्य पत्थरों से न केवल भगवान की मूर्तियां बनाई जाती हैं बल्कि विभिन्न कलात्मक वस्तुओं का भी निर्माण किया जाता है। पत्थर की कटाई और उसके बाद बहुत बारीकी से हाथों के जादूगर शिल्पी पत्थर पर चेहरे या फिर नक्काशी उभारते हैं। परकोटे के चांदपोल बाजार इलाके में किशनपोल बाजार और भिण्डों का रास्ता के बीच लगभग घर-घर में शिल्पकारी का काम किया जाता है। आरंभ में संगमरमर का कार्य राजप्रासादों, मंदिरों, हवेलियों आदि के निर्माण तथा देव प्रतिमाओं की मूर्तियां तराशने तक सीमित था। बाद में शहीद सैनिकों, महात्माओं, महापुरूषों एवं दिवंगत प्रियजनों की मूर्तियां बनवाने का काम भी आरंभ हो गया। वर्तमान में यह कला मूर्ति निर्माण तक ही सीमित नहीं रही है बल्कि आधुनिक समय और मांग के अनुसार कलात्मक वस्तुएं बनाने तक फैल गई है। मूर्तिकला में जयपुर के अर्जुन प्रजापति विश्व में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। उन्होंने अपने प्रयास से एक अनूठा संग्रहालय भी बनाया है। जिसमें सजावटी सामान और मूर्तियां लोगों का मन मोह लेती हैं।

सांगानेरी प्रिंट

कपड़े पर लकड़ी की डाई से कलात्मक छपाई के लिए सांगानेरी प्रिंट दुनिया भर में अपनी खास पहचान रखता है। सांगानेरी प्रिंट एक खास डिजाईन होती है जिसमें बेल बूटे, पत्तियां, फूल, हाथी घोड़े, सजे धजे ऊंट, दूल्हा. डोली बारात आदि दर्शाए जाते हैं। राजस्थानी संस्कृति की झलक पेश करती इस छपाई का मुख्य केंद्र सांगानेर होने के कारण इसे सांगानेरी प्रिंट कहा जाता है। सांगानेर जयपुर शहर से दक्षिण की ओर लगभग 10 किमी की दूरी पर है। पहले यह जयपुर के पास एक गांव हुआ करता था लेकिन समय के साथ शहर के फैलाव के कारण अब यह शहर की एक कॉलोनी की तरह हो गया है। यह प्रिंट चादरों, तकिये के कवर, परदों व पोशाकों पर किया जाता है। सांगानेरी प्रिंट की मांग देश और बाहर भी है। परकोटे के बाजारों में सांगानेरी प्रिंट के वस्त्रों की दुकानें बहुतायत में हैं, जिनके चटख रंग और डिजाईन सैलानियों के दिल में उतर जाते हैं।

Best Web Hosting Providers

Liquid Web

Website Hosting, Server Hosting: Cloud, Dedicated Server, HIPAA Server, and Word Press plans, within a fully managed environment

A2Hosting

Website Hosting, Server Hosting: Cloud, Dedicated Server, HIPAA Server, and Word Press plans, within a fully managed environment

Greengeeks

Website Hosting, Server Hosting: Cloud, Dedicated Server, HIPAA Server, and Word Press plans, within a fully managed environment

Namecheap

Website Hosting, CDN Service, Server Hosting Domains, SSL certificates, hosting

InMotion Hosting

Website Hosting

Hostgator

Website Hosting - shared, reseller, VPS, & dedicated hosting solutions

Hostens

Website HostingServer HostingB2B


Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version