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59 चाइनीज़ एप्स पर प्रतिबंध एक नई शुरुआत 

सिर्फ नारा नहीं है आत्मनिर्भर भारत – महाजन 
59 चाइनीज़ एप्स पर प्रतिबंध एक नई शुरुआत 
(कोविड-19, मीडिया एंड सोसाइटी कांफ्रेंस संपन्न)

30 जून, चुड़ेला।

प्रसिद्द अर्थशास्त्री और स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक अश्विनी महाजन का कहना है कि आत्मनिर्भर भारत सिर्फ नारा भर नहीं है, बल्कि ये संकल्पना साकार रूप लेगी। 59 चाइनीज़ एप्स पर प्रतिबंध देश में एक नई शुरुआत है। वे आज श्री जेजेटी यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ जर्नलिज्म एन्ड मास कम्युनिकेशन की ओर से ‘कोविड-19, मीडिया एंड सोसाइटी' विषयक दो दिवसीय ऑनलाइन नेशनल कांफ्रेंस के तीसरे सत्र नोशन, नेशन विथ न्यू नैरेटिव में सेल्फ रिलायंट इंडिया- मिथ ओर रियलिटी विषय पर सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि चीन के साथ व्यापार घाटा 2017 में 63 बिलियन डॉलर था, वो 2019-20 में घटकर 48 बिलियन डॉलर रह गया, इसके लिए सरकार ने प्रयासपूर्वक ऑर्गेनिक केमिकल्स, मेटल्स और इलेक्ट्रॉनिक्स में इम्पोर्ट्स को कम किया। इसी तरह पहले 20 बिलियन डॉलर की बड़ी धनराशि तो केवल रॉयल्टी और फीस के नाम पर ही देश से बाहर चली जाती थी, उस पर रोक लगी है। उन्होंने लैटिन अमेरिकी देशों का उदाहरण देकर बताया कि मोस्ट फेवर्ड नेशन और मुक्त व्यापार के नाम पर अर्थव्यवस्थाओं को बर्बाद किया गया। श्री महाजन ने बताया कि 2018 के बजट में उद्योगों को संरक्षण देने के लिए टैरिफ बढ़ाने की बात कहकर सरकार पहली बार सही रास्ते पर चली थी

जयपुर से टेक्नोक्रेट और प्राणधारिन ट्रस्ट के सलाहकार डॉ. संजीव दास ने कोविड-19: सर्जिकल स्ट्राइक ऑन मेडिकल सिस्टम एंड नीड ऑफ रियल टाइम लाइफ सेविंग मैकेनिज़्म पर वीडियो प्रजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी कि तकनीक के सही इस्तेमाल से महामारी की स्थिति में मानव हानि को कम किया जा सकता है। जीपीएस पर आधारित ये प्राण एप्प देश के समस्त सरकारी और निजी चिकित्सा और स्वास्थ्य संस्थानों और सेवाओं को एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है।

राज्यसभा टीवी के पार्लियामेंट अफेयर्स के एडिटर अरविन्द सिंह ने पॉलिटिकल इंस्टीट्यूशंस ड्यूरिंग कोविड-19 विषय पर महामारी के वक़्त पार्लियामेंट और अन्य वैधानिक संस्थानों की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला तो इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन, जम्मू कैम्पस से डॉ. अनुभव माथुर ने पॉलिटिकल कम्युनिकेशन एन्ड डिजिटल कंटेंट-हाऊ अल्गोरिथम्स आर क्रिएटिंग दी नैरेटिव एंड सेटिंग दी एजेंडा विषय पर बेहिसाब बढ़ रहे मीडिया कंटेंट, डाटा और मशीनीकरण पर रोचक जानकारी दी।

वरिष्ठ लेखक एवं पत्रकार प्रोफेसर लल्लन प्रसाद ने इंडियन इकोनॉमी और मीडिया पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि आर्थिक ख़बरों पर मीडिया में अपेक्षाकृत कम कवरेज दिया जाता रहा है।

चौथे और अंतिम सत्र डायमेंशंस, डायलॉग एंड डायरेक्शन में श्री जेजेटी यूनिवर्सिटी की प्रो-प्रेसीडेंट डॉ. शशि मोरोलिया ने भारतीय जीवन मूल्य और कोविड-19, रजिस्ट्रार डॉ. मधु गुप्ता ने पॉजिटिव आस्पेक्ट्स ऑफ़ कोविड-19, डीन लैंग्वेजेज डॉ. अंजू सिंह ने कोरोना काल में बदलते रिश्तों का दौर और डीन रिसर्च, साइंस और टेक्नोलॉजी डॉ. एनके मिश्रा ने मीडिया की नेगेटिव न्यूज़ कवरेज पर अपनी बात रखी।

डॉ. संजय मिश्रा ने सत्रों का सञ्चालन किया। गौरतलब है कि जेजेटी यूनिवर्सिटी के यूट्यूब चैनल पर इस कांफ्रेंस का लाइव ब्रॉडकास्ट किया गया। कांफ्रेंस में ऑल इंडिया रेडियो जयपुर सहभागी रहा।

डॉ. संजय मिश्रा
कन्वीनर
98295 58069

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