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मुख्यमंत्री निवास पर बाल दिवस कार्यक्रम

जयपुर, 14 नवम्बर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा है कि राज्य सरकार बच्चों को देश और समाज के प्रति सेवाभाव रखने की प्रेरणा देने के लिए बाल साहित्य सुलभ कराने के प्रयास करेगी। इसी उद्देश्य से प्रदेश में बाल साहित्य अकादमी के गठन का निर्णय लिया गया है।

श्री गहलोत आधुनिक भारत के निर्माता देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू की 130वीं जयन्ती पर मुख्यमंत्री निवास पर गुरूवार सुबह विभिन्न राजकीय स्कूलों से आए करीब 500 विद्यार्थियों से संवाद कर रहे थे। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे महात्मा गांधी, पं. नेहरू तथा देश के अन्य महापुरूषों के जीवन के बारे में पढ़े, जानें और उनसे प्रेरणा लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पं. जवाहर लाल नेहरू और उनके दौर के महान नेताओं ने देश को आजादी दिलाने के लिए गांधी जी के सानिध्य मेें संघर्षमय जीवन बिताया। उन्होंने कहा कि पं. नेहरू बच्चों से बेहद स्नेह रखते थे और इसी कारण उनके जन्मदिवस को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

श्री गहलोत ने बच्चों को आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं एवं उनके साथ गुब्बारे छोड़े। उन्होंने खादी वेशभूषा में आए बच्चों से गुलाब के फूल ग्रहण किए और बच्चों को टॉफियां बांटी और उन्हें दुलार किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को खाने के पैकेट भी वितरित किए।

इस अवसर पर राजस्थान राज्य बाल संरक्षण अधिकार आयोग की अध्यक्ष श्रीमती संगीता बेनीवाल, अन्य सदस्य तथा बाल अधिकार कार्यकर्ता मौजूद थे।

‘बच्चों के मन भाए तितली‘ पुस्तक का विमोचन

मुख्यमंत्री श्री गहलोत ने बाल दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री निवास पर श्री रतन राठौड़ द्वारा लिखित ‘बच्चों के मन भाए तितली‘ पुस्तक का विमोचन भी किया। यह पुस्तक छोटी-छोटी बाल कविताओं का संग्रह है। इस अवसर पर बाल साहित्यकार श्री दीनदयाल शर्मा, लेखिका श्रीमती कविता मुखर एवं अन्य लोग मौजूद थे। साहित्यकारों ने मुख्यमंत्री को पं. जवाहर लाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी के गठन पर भी बधाई दी।

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