News Ticker

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में सभी का सहयोग जरूरी

quality education

जयपुर, 13 नवम्बर। शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने कहा है कि शिक्षा क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाएं अपने कायोर्ं का रोड मैप बनाकर दें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की मंशा के अनुरूप राजस्थान को देश का अग्रणी राज्य बनाने में गैर सरकारी संस्थाओं का समुचित सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार के साथ मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने वाली संस्थाओं के कायोर्ं की सतत् मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किए जा रहे राज्य सरकार के कायोर्ं में व्यवहार में उनकी मदद मिल सके।

quality education

श्री डोटासरा बुधवार को यहां शिक्षा संकुल में विभिन्न गैर सरकारी संस्थानों के साथ शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए हुए एमओयू हस्ताक्षर समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिन संस्थानों के साथ राज्य सरकार एमओयू हस्ताक्षर कर रही हैं, वें प्रतिबद्धता से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की वृद्धि के लिए कार्य करें। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली संस्थाएं निर्धारित अवधि के दौरान संबंधित शिक्षा अधिकारियों से सतत सम्पर्क में रहें।

यदि करार किन्हीं कारणों से समाप्त किया जाना है तो उससे कम से कम 6 माह पूर्व राज्य सरकार को सूचित करें ताकि जिस क्षेत्र में गैर सरकारी संस्था सरकार को सहयोग कर रही है, उससे संबंधित अन्य व्यवस्थाएं सरकार अपने स्तर पर कर सके ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी प्रकार की बाधा नहीं हो। उन्हाेंने शिक्षा में समयानुरूप हो रहे बदलावों को ध्यान में रखते हुए नवाचार अपनाकर प्रदेश को अग्रणी किए जाने पर भी जोर दिय। उन्होंने कहा कि यह भी सभी स्तरों पर सुनिश्चित किया जा रहा है कि समुदाय के लोगों को सरकारी विद्यालयों से अधिकाधिक जोड़ा जाए। इसीलिए प्रदेश में बालसभा के सार्वजनिक आयोजन की पहल की गयी है।

शिक्षा राज्य मंत्री ने कहा कि कहा कि राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में रिक्त पड़े पदों को भरने की पहल की है। सभी विद्यालयों में प्राचायोर्ं की नियुक्ति की गयी है। हाल ही में 1155 ओर प्रधानाचायोर्ं को माध्यमिक शिक्षा के अंतर्गत नौकरी देने की कार्यवाही की गयी है। उन्हाेंने बताया कि आगामी 10-15 दिनाें में ही शारीरिक शिक्षकों की काउन्सिलिग भी प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां पर बस्ते के बोझ को कम करने के लिए पहल की गयी है। राज्य में पूर्ण पारदर्शिता अपनाते हुए शिक्षकों के पदों को भरने की कार्यवाही जहां की गयी है वहीं नवाचार अपनाते हुए शिक्षा में गुणात्मक सुधार के सतत प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती मंजू राजपाल ने कहा कि शिक्षा का क्षेत्र चुनौती भरा तो है परन्तु यहां करने की अपार संभावनाएं भी हैं। उन्होंने देश के बच्चों का भविष्य संवारने के लिए सरकार के प्रयासाें के साथ समाज के जुड़ाव को जरूरी बताते हुए कहा कि जिन संस्थानों के साथ एमओयू हस्ताक्षर हुए हैं, वह इस तरह से कार्य करें कि अधिक से अधिक लोगेां को शिक्षा का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ कार्य करने से संस्थाओं के कार्य संस्थागत स्वरूप में आ जाते हैं, ऎसे में यह जरूरी है कि वहां सावर्जनिक हित को सर्वोपरी रखते हुए कार्य हों।

राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद् के आयुक्त श्री प्रदीप कुमार बोरड़ ने कहा कि शिक्षा सभी की सहभागिता का विषय है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में सभी के सहयोग से वृहद स्तर पर लोगों को लाभान्वित किए जाने पर जोर दिया। राज्य परियोजना निदेशक श्री अभिषेक भागोतिया ने शिक्षा क्षेत्र में हो रहे कायोर्ं के बारे में जानकारी दी।

एक साथ 10 संस्थानों के साथ हुए एमओयू-

शिक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए बुधवार को 10 संस्थाओं के साथ 11 एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। एमओयू पर संबंधित संस्था के प्रतिनधि के साथ राज्य परियेाजना निदेशक श्री अभिषेक ने हस्ताक्षर किए।

शिक्षा मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने बताया कि ऎसा पहली बार हो रहा है जब एक साथ इतनी संस्थाओं के साथ राज्य सरकार एमओयू कर रही है। उन्होंने बताया कि एमओयू करने से पहले इन सबके प्रस्तुतिकरण देखे गये। इसके बाद यह तय किया गया कि किन-किन क्षेत्रों में कैसे संस्थाएं राज्य सरकार को शिक्षा क्षेत्र में सहयोग करेगी। उन्होंने बताया कि बुधवार को जिन संस्थाओं के साथ एमओयू किए गए हैं उनके द्वारा राज्य सरकार प्रदेश के विभिन्न जिलों के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में ड्रापआउट बच्चों को फिर से विद्यालयें से जोड़ने, हिंदी और अंग्रेजी के प्रारंभिक ज्ञान के लिए ऑनलाईन सपोर्ट, डिजिटल लिट्रेसी को बढ़ाने, कम्प्यूटर शिक्षा के लिए संस्था प्रधानाें के प्रशिक्षण, बालिका शिक्षा में वृद्धि, सामुदायिक गतिशीलता, गुण्वत्तापूर्ण शिक्षा, अंग्रेजी शिक्षण आदि की प्रभावी व्यवस्था के लिए किए कायेार्ं मे सहयोग लेगी। उन्होंने बताया कि इन संस्थाओं द्वारा दिए जाने वाले सहयोग के अंतर्गत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि व्यवहार में शिक्षा के क्षेत्र में गुणात्मक सुधार हो।

श्री डोटासरा ने बताया कि बुधवार को प्रथम एजूकेशन फाउण्डेशन, राजस्थान, होप फाउण्डेश्न, नई दिल्ली, इन्टरनेशनल बिजनेस मशीन्स, बंगलौर, एजूकेट गल्र्स, मुम्बई, लनिर्ंग लिंक्स फाउण्डेशन, नई दिल्ली, मेरिको इंडिया लिमिटेड, मुम्बई, मैजिक बस, मुम्बई, एशिया इन्टरनेशनल सेंटर फॉर वुमेन, नई दिल्ली, लेडी बॉमफोर्ड चेरिटेबल ट्रस्ट, नई दिल्ली, दुर्गा देवी चेरिटेबल ट्रस्ट, पूना जयपुर, आईटी फॉर चेंज बैंगलोर एवं सेंटर फॉर एजूकेशन रिसर्च एंड प्रेक्टिस, जयपुर के साथ एमओयू पत्र पर शिक्षा क्षेत्र में सहयोग के लिए हस्ताक्षर किए गए।

About Pinkcity.com (2998 Articles)
Our company deals with "Managing Reputations." We develop and research on Online Communication systems to understand and support clients, as well as try to influence their opinion and behavior. We own, several websites, which includes: Travel Portals: Jaipur.org, Pinkcity.com, RajasthanPlus.com and much more Oline Visitor's Tracking and Communication System: Chatwoo.com Hosting Review and Recommender Systems: SiteGeek.com Technology Magazines: Ananova.com Hosting Services: Cpwebhosting.com We offer our services, to businesses and voluntary organizations. Our core skills are in developing and maintaining goodwill and understanding between an organization and its public. We also conduct research to find out the concerns and expectations of an organization's stakeholders.

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: