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पांचवां कान्वोकेषन – 1 एवं 2 नवंबर 2018

Fifth Convocationमणिपाल एज्यूकेषन ग्रुप जिसने कि षिक्षा के क्षेत्र में 65 साल गुणवत्तापूर्ण एवं सफलतापूर्वक पूरे कर नए आयाम स्थापित किए है एवं मणिपाल विष्वविदयालय जयपुर इसी ग्रुप के तहत संचालित है, जिसका कि 5 वां कोन्वोकेषन 1 एवं 2 नवंबर 2018 को मणिपाल विष्वविद्यालय जयपुर कैंपस में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के प्रथम दिन के मुख्य अतिथि प्रख्यात एवं सफल स्टार्टअप एन्टरप्रन्योर तथा बिग बास्केट के सीईओ हरि मैनन होंगे। कार्यक्रम के दूसरे दिन के मुख्य अतिथि, अनुभवी षिक्षाविद् एवं प्रोफेसर तथा एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, आईएसबी, हैदराबाद डॉ. चंद्रषेखर श्रीपदा होंगे। दोनो दिनों के कार्यक्रम की अध्यक्षता मणिपाल विष्वविद्यालय जयपुर के चैअरपर्सन, प्रो. के. रामनारायण करेंगे।

इसी क्रम में विष्वविद्यालय के प्रेसिडेंट, प्रो. जी. के. प्रभु ने बताया कि जिन विद्यार्थियाें ने सफलता पूर्वक पाठ्यक्रम पूर्ण किया है एवं जो इन दो दिवसीय कान्वोकेषन में डिग्री पाने के योग्य है उन इंजिनियरिंग एवं नॉन इंजिनियरिंग के यूजी, पीजी एवं पीएचडी के 1486 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी। इसमें 29 पीएचडी के तथा 27 विद्यार्थी वे हे जिन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों में टॉप किया है उन्हें गोल्ड मेडल दिए जाएंगे। इसी के साथ इसमें चैअरमेन गोल्ड मैडल भी विष्वविद्यालय के होनहार छात्र एवं बीटेक मेकेनिकल इंजिनियर में अध्ययनरत सुषीम कंवर को सभी प्रकार से अच्छा परफार्म करने के लिए दिया जाएगा। इसी के साथ ही प्रेसिडेंट गोल्ड मेडल डॉ. सुमन स्वामी को रिसर्च में गुणवत्ता के लिए दिया जाएगा।

इस स्नातक बैच के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर अनेक कीर्तिमान स्थापित किए है एवं विजेता के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। इसके साथ ही अधिकतम विद्यार्थियों का प्लेसमेंट भी हो चुका हैं। समय-समय पर विष्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को स्टार्टअप प्रोजेक्ट्स के लिए सपोर्ट भी प्रदान किया गया है। मणिपाल विष्वविद्यालय जयपुर मल्टीडिसीपलेनरी विष्वविद्यालय होने के साथ ही क्रिएटीविटी एवं इनोवेषन के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करती रही हैं ।

वर्तमान समय मे विष्वविद्यालय में 8000 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत है जो कि विभिन्न पृष्ठभूमि के है। विष्वविद्यालय में 5300 विद्यार्थियों के रहने की होस्टल में व्यवस्था है। विष्वविद्यालय में 475 फेकल्टी सदस्य विद्यार्थियों को अध्ययापन करा रहे है। जिनमें 55 प्रतिषत फेकल्टी सदस्य पीएचडी धारक हैं ।

मणिपाल विष्वविद्यालय जयपुर एक मात्र ऐसा संस्थान है जहा षिक्षा में गुणवत्ता के लिए नित नए प्रयोग किए जाते रहे है। इसी क्रम में हाल ही में मणिपाल विष्वविद्यालय जयपुर ने एक करिक्यूलम कानक्लेव का आयोजन किया । इसमें विष्वविद्यालय ने बिजनेस, इंन्डस्ट्री एवं षिक्षा जगत् के नामचीन लोगों को आमंत्रित करने के साथ ही विष्वविद्यालय के फेकल्टी सदस्यों एवं विद्यार्थियों की रॉय जानी। इसके साथ ही विष्वविद्यालय विद्यार्थियाें एवं फेकल्टी सदस्यों को रिसर्च प्रोजेक्ट के लिए प्रोत्साहित करती रही है। जिसका ही परिणाम है कि वर्तमान में 50 से अधिक 6 करोड़ रूपए के फंडेड रिसर्च प्रोजेक्ट्स पर विष्वविद्यालय के फेकल्टी सदस्य एवं विद्यार्थी कार्य कर रहे है। मणिपाल विष्वविद्यालय जयपुर में सुपर कम्यूटर, आईओटी लेब एवं सेमी कन्डक्टर डिवाईस फेबरीकेषन लेब के साथ दो सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सेंटर भी स्थापित है। इसके साथ ही फाईनल ईअर के 70 प्रतिषत से अधिक विद्यार्थी इंडस्ट्री के साथ मिलकर प्रोजैक्ट कर अनुभव ले रहे है। कैंपस में 10 इन्डस्ट्री सपोर्टेड लेब्स है।

विष्वविद्यालय का चयन अटल इक्यूबेषन सेंटर की स्थापना के लिए नीति आयोग की ओर से अटल इक्यूबेषन मिषन के तहत किया गया है। विष्वविद्यालय के राष्ट्रीय एवं अर्न्तराष्ट्र्रीय स्तर पर करीब 100 से अधिक शैक्षणिक अनुबंध हैं।

विष्वविद्याल की रजिस्ट्रार, डॉ. वंदना सुहाग ने बताया कि विष्वविद्यालय के सभी विभागों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए एक ईआरपी प्रणाली भी विष्वविद्यालय में है। सीएसआर एक्टीविटी के तहत विष्विद्यालय की ओर से आस-पास के गांवों में अनेक गतिविधियों का आयोजन समय-समय पर किया जाता रहा है। इसके तहत हाल ही में लीगल एड क्लिनिक का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीणों को लाभांवित करने के लिए कम्यूनिटी रेडियो स्टेषन भी विष्वविदयालय परिसर में प्रस्तावित है। विद्यार्थियों को भी समय-समय पर इन सब के लिए प्रोत्साहित किया जाता रहा हैं। डॉ. सुहाग ने प्रदेष एवं देष में संचालित विभिन्न विष्वविद्यालय के वाईस चांसर्ल्स, षिक्षाविद्, ब्यूरोक्रेट, स्थानिय लीडर्स को कान्वोकेषन में भाग लेने का आह्वान किया है।

 

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