News Ticker

ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम

राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समाज की बड़ी भूमिका- परेला
(10वें ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम का हुआ समापन)

जयपुर, 25 दिसंबर।

राष्ट्र निर्माण में आदिवासी समाज की बड़ी भूमिका रही है, जिसे पूरा महत्व दिए जाने की आवश्यकता है. देशभर में आक्रांताओं और साम्राज्यवादी ताकतों का दृढ़ता से सामना करने में इस समाज ने महान योगदान दिया है. ये कहना है नेहरू युवा केंद्र संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शेखर राव परेला का. वे आज जयपुर में सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी कैम्पस में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के सौजन्य से युवा और खेल मंत्रालय की ओर से नेहरू युवा केन्द्र, राजस्थान द्वारा आयोजित 10वें ट्राइबल यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे.

उन्होंने रामायण काल से लेकर ब्रिटिश हुकूमत तक राष्ट्र की अस्मिता के लिए संघर्ष करने वाले आदिवासी शहीद बिरसा मुंडा, महाराणा प्रताप और शिवाजी के सहयोगी भील और अन्य आदिवासी समाजों के उदाहरण दिए. श्री परेला ने कहा कि विविधता में एकता महज कोई नारा नहीं है, बल्कि ये हमारे मनों, भावों और संस्कारों में गहरे से समाहित है. उन्होंने आदिवासी समाज से हीनता का भाव छोड़ने की अपील की. उन्होंने कश्मीर के जिहाद और उत्तर-पूर्व के राष्ट्र विरोधी अलगाववाद पर भी विस्तार से बात की और एनवाईकेएस के प्रकल्पों की विस्तार से जानकारी दी.

कार्यक्रम के अध्यक्ष और स्किल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर ललित के पंवार ने कहा कि एनवाईकेएस युवाओं को सामाजिक और रचनात्मक कार्यों के लिए तैयार कर रहा है, उन युवाओं को स्किल्ड करने की दिशा में यूनिवर्सिटी भी सहयोग करने को तत्पर है.

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि और सुरेश ज्ञान विहार यूनिवर्सिटी के चीफ मेंटर सुधांशु शर्मा ने कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में हालात बेहद संवेदनशील हैं लेकिन केवल सरकार को कोसने के बजाय विकास लिए वहां के समाज को ही आगे आना होगा।

इस अवसर पर शैक्षणिक और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में विजेता प्रतिभागियों के साथ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले युवा हंसराज खटवालिया, सुनील सैन, नरेश कुमावत, आशा मोहनपुरिया और नवरतन सैन को पुरस्कृत किया गया.

कार्यक्रम में झारखण्ड और छत्तीसगढ़ के 9 जिलों के 200 आदिवासी युवा, उनके एस्कॉर्ट्स, नेहरू युवा केंद्र संगठन राजस्थान के उप निदेशक हरिशंकर शुक्ला, उप निदेशक भुवनेश जैन और जिला समन्वयक महेश शर्मा के साथ यूनिवर्सिटी के स्टाफ मेंबर्स भी उपस्थित थे।

 

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: