News Ticker

जयपुर : रामनिवास बाग

[tab:रामनिवास बाग]

रामनिवास बाग, Rmaniwas Garden

rmaniwas-garden

राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थलों में राजधानी जयपुर पहले पायदान पर है। पर्यटन स्थलों की विस्तृत विविधता के कारण जयपुर पर्यटकों की पहली पसंद बना हुआ है। गुलाबी नगर के रूप में विख्यात यह शहर सिर्फ राजस्थान या भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के कोने कोने में अपनी पहचान रखता है। वैश्विक पर्यटन के मानचित्र पर भी जयपुर एक महत्वपूर्ण शहर है जो विश्व विरासत जंतर मंतर के अलावा आमेर महल, सिटी पैलेस और नाहरगढ जैसे वैश्विक स्तर के स्मारकों की मौजूदगी से विशेष प्रभाव पैदा करता है।

जयपुर की प्राकृतिक खूबसूरती यहां के ऐतिहासिक स्मारक, महल, दुर्ग, प्राचीरें, हवेलियां, बाजार, परकोटा शहर, झीलों और बगीचों को और भी ज्यादा खूबसूरत बना देती है। यहां के सभी पर्यटन स्थलों ने जयपुर को एक खूबसूरत शहर बनाया है लेकिन जयपुर के बगीचों की बात ही अलग है।

जयपुर खूबसूरत बगीचों का शहर है। जयपुर में केसर क्यारी, मुगल गार्डन, कनक वृंदावन, जयनिवास उद्यान, विद्याधर का बाग, सिसोदिया रानी का बाग, परियों का बाग, फूलों की घाटी, रामनिवास बाग, सेंट्रल पार्क, स्मृति वन, जलधारा, जवाहर सर्किल, स्वर्ण जयंती उद्यान आदि दर्जनों उद्यान हैं। लेकिन जयपुर की स्थापना के समय के बगीचों की बात ही कुछ और है। आमेर की केसर क्यारी, मुगल गार्डन, कनक वृंदावन और परियों का बाग हालांकि जयपुर की स्थापना से भी पूर्व के उद्यान हैं। लेकिन विस्तृत क्षेत्र और खूबसूरती के मामले में जयपुर स्थापना के बाद निर्मित रामनिवास बाग की बात ही कुछ और है। आज भी राम निवास बाग शहर के सबसे खूबसूरत उद्यानों में से एक है किंतु वाहनों की रेलमपेल, दोमंजिला पार्किंग स्थल और भिखारियों के कब्जे के कारण वर्तमान में रामनिवास बाग का मूल स्वरूप बहुत बिगड़ गया है।

इतिहास

रामनिवास बाग का निर्माण 1868 में जयपुर के महाराजा सवाई प्रतापसिंह ने कराया। श्रीकृष्ण के भक्त और हवामहल का निर्माण कराने वाले महाराजा प्रतापसिंह सौन्दर्योपासक थे। उन्होंने जयपुर की खूबसूरती को बढाने के लिए बहुत प्रयास किए जिनमें उस समय का सबसे खूबसूरत और विशाल उद्यान था रामनिवास बाग। राजस्थान एक कम वर्षा वाला राज्य है। इसलिए यहां के शासकों ने शहर को सुंदर बनाने और सर्वसाधारण को गर्मी में विहार करने के लिए उपयुक्त स्थान देने के लिए बाग-बगीचों का निर्माण कराया। प्राकृतिक संतुलन के लिए भी यह जरूरी है। रामनिवास बाग जयपुर शरह परकोटा के दक्षिण में बनवाया गया। शाम के समय यहां राज परिवार के सदस्य भ्रमण के लिए आते थे। अल्बर्ट हॉल के स्थान पर एक केंद्रीय बड़ा गुलाब बगीचा था। हर शाम यहां विदेशी मेहमानों के परिवार और राजपरिवार के सदस्यों की मौजूदगी से खुशनुमा माहौल होता है। कुछ समय के लिए यह गार्डन नागरिकों के लिए भी खोला जाता था। रामनिवास बाग का निर्माण शहर को सूखे से बचाने के लिए किया गया था। उस समय इसके निर्माण पर 4 लाख रूपए खर्च किए गए थे।

विशेषताएं

ग्रीन सिटी का आधार-

रामनिवास बाग की सबसे बड़ी और खास बात यह है कि यह आज के आधुनिक महानगर जयपुर के बीचों बीच है और अपने विस्तार और खूबसूरती से सभी को बहुत प्रभावित करता है। शहर के बीचों बीच इतना बड़ा हरा भरा भू-भाग अपने आप में एक मिसाल है। यह जयपुर को ग्रीन सिटी का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।

मनोरंज का क्षेत्र-

रामनिवास बाग शहर की बहुत बड़ी आबादी के लिए मनोरंजन का बड़ा साधन है। यहां फुटबॉल का एक बड़ा मैदान है। इसके अलावा इसके कई टुकड़ों में बने वर्गाकार बगीचों में नागरिकों के बैठने, सुस्ताने और आराम करने के लिए छायादार घने वृक्ष हैं। रामनिवास बाग परिसर में ही रवीन्द्र मंच, अल्बर्ट हॉल, चिड़ियाघर आदि हैं जो पर्यटकों के लिए मनोरंजन के विशेष साधन हैं।

उपयोगिता व निर्माण

रामनिवास बाग का निर्माण जयपुर के नागरिकों के टहलने, शांति से कुछ समय बिताने के लिए किया गया था। बाग के उत्तर, दक्षिण, पूर्व व पश्चिम में दरवाजे रखे गए थे। दरवाजे निश्चित समय पर खुलते थे और समय के साथ बंद हो जाया करते थे। आज भी देर रात इन दरवाजों को बंद कर दिया जाता है। लेकिन दिन शुरू होने के साथ ही ये दरवाजे खुल जाते हैं और दिन भर इस उद्यानिक परिसर में वाहनों का शोर और दबाव बना रहता है। उत्तर में न्यू गेट के पास और एसबीआई बैंक के सामने के गेट से वाहनों के आना जाना, पश्चिम से महारानी स्कूल के पास वाले गेट से वाहनों की रेलमपेल, पूर्व में एमडी रोड से यातायात और दक्षिण से जेएलएन मार्ग से आने वाले वाहनों से यह उद्यान चौतरफा घिरा रहता है। इससे दिन में यहां की प्राकृतिक खूबसूरती भीड भाड और यातायात में दबकर रह जाती है। वर्तमान में तो  यहां दोमंजिला पार्किंग तक बना दी गई है। इससे रामनिवास बाग का मूल स्वरूप ही खत्म हो गया है। शाम को जिस मैदान में बच्चे खेला करते थे उसी में इस विशाल पार्किंग का निर्माण कर दिया गया।

रामनिवास बाग के आकर्षण

अल्बर्ट हॉल- रामनिवास बाग के बीचों बीच गोलाकार सर्किल में शहर का म्यूजियम अल्बर्ट हॉल स्थित है। जब रामनिवास बाग बना था तब यहां यह म्यूजियम नहीं था। बाद में महाराजा प्रतापसिंह से माधोसिंह द्वितीय तक के कार्यकाल में इसे बनाकर तैयार किया गया। वर्तमान में अल्बर्ट हॉल रामनिवास बाग की पहचान बन गया है। अल्बर्ट हॉल की नींव वेल्स के राजकुमार अल्बर्ट ने 1876 में रखी थी। इसीलिए इसका नाम अल्बर्ट हॉल रखा गया।

रवीन्द्र मंच- रवीन्द्र मंच रामनिवास बाग के उत्तर-पूर्वी परिसर में स्थित है। रवीन्द्र मंच एक विशाल प्रेक्षागृह है। यह राजस्थान का सबसे बड़ा प्रेक्षागृह है। समय समय पर यहां नाटकों का मंचन किया जाता है।

चिड़ियाघर- रामनिवास बाग में दो चिडियाघर हैं। मुख्य जंतुआलय अल्बर्ट हॉल के पूर्व में है। जबकि पक्षीघर पश्चिम में है। जयपुर के चिड़ियाघर में दुर्लभ वन्यजीवों के साथ टाइगर का होना मुख्य आकर्षण है।

[tab:विकास योजनाएं]

रामनिवास बाग : विकास योजनाएं

रामनिवास बाग में मिनी ट्रेन

रामनिवास बाग की तस्वीर बदलने वाली है। बरसों से बदहाल रामनिवास बाग में जेडीए मिनी ट्रेन चलाएगा। इसका संचालन पीपीपी मॉडल पर किया जाएगा। खास बात ये होगी कि ये ट्रेन ट्रैक की बजाय सड़क पर चलेगी। ट्रेन में टायर लगे होंगे। इसमें बच्चों के साथ बुजुर्ग भी सैर कर पाएंगे। इसे इस तरीके से तैयार किया जा रहा है कि यह सड़क पर चल सके और यातायात भी बाधित न हो। रामनिवास बाग मे ही स्थित सावन भादो पार्क की दुर्दशा दूर करने के लिए इस पार्क को कवर करते हुए इस ट्रेन का ट्रैक बनाया जाएगा। रूट में अल्बर्ट हॉल से न्यूगेट के बीच रामनिवास बाग के बायें हिस्से और टोंक रोड के बीच यह ट्रैक होगा। ट्रैन को रामनिवास बाग के हर हिस्से में ले जाया जाएगा। रामनिवास बाग पार्किंग से अल्बर्ट हॉल व सावन भादो पार्क की ओर जाने वाले भी इस ट्रेन का उपयोग कर पाएंगे। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने ट्रेन को हरी झंडी दे दी है। जेडीए जल्द ही इस पर कार्य आरंभ कर देगा। संभवत: पांच माह में ट्रेन शुरू भी हो जाएगी।

लकड़ी की होगी ट्रेन – यह ट्रेन लोहे की न बनाकर लकड़ी की बनाई जाएगी। बाहरी हिस्सा पूरी तरह लकड़ी का होगा। इसपर  करीब दो करोड रूपए की लागत आएगी। इसके लिए बनाए जाने वाले कंक्रीट मार्ग पर ढाई करोड रूपए खर्च होंगे।

जॉगिंग ट्रैक भी बनेगा-रामनिवास बाग में सेंट्रल पार्क की तर्ज पर जॉगिंग ट्रैक भी बनाया जाएगा। यह ट्रैक इस ट्रेन के ट्रैक के आगे ही बनेगा। इससे चारदीवारी के लोगों को सुबह जॉगिंग करने के लिए ट्रैक मिल जाएगा।

सावन भादो की तस्वीर भी बदलेगी- रामनिवास बाग के सावन भादो पार्क आमतौर पर असामाजिक तत्वों का अड्डा बना होता है। साथ ही पार्क उजड़ा हुआ भी है। सावन भादो पार्क की तस्वीर बदलने की भी कवायद चल रही है। पार्क के चारों ओर रेलिंग लगाई जाएगी और उसे हरा भरा किया जाएगा।

फुटबॉल ग्राउंड पर बनेगी पवेलियान- बाग में रवीन्द्र मंच के सामने स्थित मजार के आस  पास अतिक्रमण को रोकने के लिए चारों ओर दीवार बनाई जाएगी। यहां फुटबॉल ग्राउंड के लिए पवेलियन भी बनाया जाएगा।

अल्बर्ट हॉल के पास स्पीड टेबल –स्थानीय व देशी विदेशी पर्यटक और बच्चे चिड़ियाघर और अल्बर्ट हॉल के बीच वाली सड़क को पार करने में झिझकते हैं। यहां इस जगह से पर्यटक सबसे ज्यादा रोड क्रॉस करते हैं। पर्यटकों को दुर्घटना से बचाने के लिए यहां सडक पर स्पीड टेबल बनाए जाएंगे।

अगर आप जयपुर भ्रमण की योजना बना रहे हैं तो अपने पर्यटन स्थलों की सूची में रामनिवास बाग को जरूर लिखें। क्योंकि रामनिवास बाग की विजिट के बिना जयपुर भ्रमण अधूरा है। वाकई यहां आकर आपको जयपुर की खूबसूरती दिल से  महसूस होगी।

[tab:END]

About Pinkcity.com (2994 Articles)
Our company deals with "Managing Reputations." We develop and research on Online Communication systems to understand and support clients, as well as try to influence their opinion and behavior. We own, several websites, which includes: Travel Portals: Jaipur.org, Pinkcity.com, RajasthanPlus.com and much more Oline Visitor's Tracking and Communication System: Chatwoo.com Hosting Review and Recommender Systems: SiteGeek.com Technology Magazines: Ananova.com Hosting Services: Cpwebhosting.com We offer our services, to businesses and voluntary organizations. Our core skills are in developing and maintaining goodwill and understanding between an organization and its public. We also conduct research to find out the concerns and expectations of an organization's stakeholders.

1 Comment on जयपुर : रामनिवास बाग

  1. जू और पक्षीघर होंगे पास

    जयपुर में जू और पक्षीघर अलग अलग दिशाओं में और एक दूसरे से दूर हैं। अब इन्हें पास लाया जाएगा। जेडीए ने रानविास बाग में ही जयपुर जू से सटी जमीन पर पक्षी घर को स्थानांतरित करने के लिए चिन्हित कर लिया है, जहां पशु और पक्षी घर साथ होंगे और लोगों को सडक पार कर दूसरी ओर जाने की जरूरत नहीं होगी। संभवत: शिफ्टिंग का कार्य रामनिवास बाग सौंदर्यकरण के दूसरे फेज में किया जा सकता है।

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

%d bloggers like this: