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एनबीसी में हालात बद से बदतर

देश की दूसरी सबसे बड़ी बेयरिंग कंपनी एनबीसी में भी ऎसे ही हालातों से बनते जा रहे हैं। पिछले 12 दिनों से राजस्थान की सबसे बड़ी बेयरिंग मैन्यूफेक्चरर कंपनी में प्रबंधन और मजदूरों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। नतीजतन कंपनी का उत्पादन करीब 15 फीसदी गिर गया है। प्रबंधन ने मामला शांत करते हुए कर्मचारियों को 1850 रूपए का इंक्रीमेंट का प्रस्ताव दिया है जबकि श्रमिक अब भी 3 हजार रूपए चाहते हैं। हड़ताल के इन 12 दिनों में कई ऑटो कंपनियों की एसेंबली लाइन पर असर आने की आशंका बढ़ गई है क्योंकि कंपनी की ओर से बनाए जाने वाले 32 तरह के बेयरिंग दुपहिया वाहनों से लेकर हवाई जहाज और पानी के जहाजों में इस्तेमाल किए जाते हैं। चौपहिया वाहनों में कंपनी मारूति, होंडा, महिंद्रा, टाटा, स्कॉड, जीएम मोटर्स और टैफे (ट्रेक्टर) जैसे कंपनियों को बेयरिंग सप्लाई करती है। वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर कंपनी और कर्मचारियों में कई स्तरों पर वार्ता हो चुकी है, लेकिन मामला निपट नहीं रहा। कंपनी में एक हजार से ज्यादा नियमित कर्मचारी हैं जो इस हड़ताल में शामिल हैं। कर्मचारी यूनियन का कहना है कि ठेका कर्मी उनकी मांगों के समर्थन में ही काम पर नहीं आ रहे। इधर कंपनी प्रबंधन कर्मचारियों पर वादा खिलाफी का आरोप लगा रहा है। कंपनी प्रबंधन का कहना है कि कर्मचारी नेता टेबल पर हुई बातचीत में अपनी सहमति दे चुके थे, लेकिन बाहर जाकर यूनियन के दबाव में मुकर गए।

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