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धारीवाल हैं नाराज

डक्टिंग मामले में धारीवाल का गुस्‍सा काबू आने का नाम नहीं ले रहा। अधिकारियों की लाख मनुहार भी काम नहीं आ रही। नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल वॉलसिटी में डक्टिंग पायलट प्रोजेक्ट के खुलकर विरोध में आ गए हैं। धारीवाल ने अफसरों के स्तर पर ही पायलट प्रोजेक्ट की मंजूरी देने और उन्हें अंधेरे में रखने पर खुलकर नाराजगी जाहिर की है। आवास विकास की बोर्ड बैठक के बाद अपने सरकारी आवास पर शनिवार को मीडिया से बातचीत में धारीवाल ने पायलट प्रोजेक्ट की उपयोगिता पर यह कहकर सवाल उठा दिए कि दुनिया में और भी बड़े शहर हैं, उन सब में ही डक्टिंग है क्या? धारीवाल ने कहा, जहां पर डक्टिंग का प्रोजेक्ट लाया जा रहा है। वहां, गली की चौड़ाई तो वैसे ही कम हो जाएगी। वहां, खुदाई करेंगे तो लोग मकानों में कैसे जाएंगे? पीएचईडी की लाइन कैसे जाएगी? यह आसान काम नहीं है बड़ा मुश्किल काम है। वल्र्ड में जितने भी बड़े और विश्वस्तरीय शहर हैं, क्या उन सब में ही डक्टिंग है क्या? तुलना किससे की जा रही है, कनॉट प्लेस से। कनाट प्लेस की चौड़ाई कितनी है? वहां पार्किंग की व्यवस्था कितनी है? वहां मकान नहीं दुकानें हैं। दुकानें 10 बजे खुलती हैं और रात आठ बजे बंद हो जाती हैं। धारीवाल ने डक्टिंग प्रोजेक्ट पर अफसरों पर सवाल उठाते हुए कहा, मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, ना यह कहीं मंजूर हुआ है। अफसरों के स्तर पर ही यह तय हो गया कि इसकी डीपीआर बना दी जाए। इसलिए मैंने कहा है कि बिना मुझे बताए यह चालू कैसे कर दिया, इसका मैंने अफसरों से जवाब मांगा है।

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