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आखातीज पर विवाहों की बहार

अक्षय फल प्राप्ति का पर्व अक्षय तृतीया मंगलवार को मनाया गया। इस पर्व पर इस बार सर्वार्थसिद्धि व रवियोग होने से अक्षय तृतीया का काफी महत्व बढ़ गया है। ये योग नवीन कार्यारंभ व खरीददारी के लिए श्रेष्ठ है। अक्षय तृतीया के स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त में अबूझ मुहूर्त में एकल व सामूहिक विवाहों की भी धूम मची हुई है। भविष्य पुराण के अनुसार इस दिन दान-पुण्य व जप हवन अक्षय फल देने वाला होता है। लक्ष्मी आगमन के शुभ पर्व पर लोग नवीन कार्यारंभ, गृहप्रवेश के साथ ही बाजारों में खरीददारी का मिजाज भी गर्म रहा। अक्षय तृतीया के पर्व पर सामूहिक विवाहों की धूम रही। राजस्थान टेंट डीलर समिति के महामंत्री रवि जिंदल के मुताबिक शादियों की अधिकता के कारण शहर के 80 प्रतिशत विवाह स्थल बुक हैं।

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